24 Oct 2026 | नई दिल्ली
Samadhan News

फॉलो करें:

राज्य

राष्ट्रपति की मौजूदगी में बस्तर की जनजातीय विरासत को मिला सम्मान

Samadhaan Admin • 24 अक्टूबर 2026
0 बार देखा गया
राष्ट्रपति की मौजूदगी में बस्तर की जनजातीय विरासत को मिला सम्मान

राज्यपाल और मुख्यमंत्री की सहभागिता के बीच पारंपरिक सामाजिक नेतृत्व पर रहा फोकस।

जगदलपुर (बस्तर)। बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक व्यवस्था और सामाजिक गौरव का अनूठा दृश्य जगदलपुर के लालबाग मैदान में देखने को मिला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में बस्तर की पारंपरिक जनजातीय व्यवस्था के प्रमुख प्रतिनिधियों मांझी-चालकी, मेंबर और मेम्बरीन के सम्मान में भव्य अभिनंदन भोज आयोजित किया गया। इस गरिमामय आयोजन में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।

पारंपरिक जननायकों और मातृशक्ति का आत्मीय अभिनंदन

कार्यक्रम में बस्तर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पारंपरिक प्रतिनिधियों का आत्मीय सम्मान किया गया। जनजातीय वेशभूषा, पारंपरिक लोकवाद्यों की गूंज और सांस्कृतिक परंपराओं के बीच आयोजित इस समारोह ने क्षेत्र की विशिष्ट पहचान को सामने रखा। मांझी-चालकी व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ मेम्बरीन की सहभागिता ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।

राष्ट्रपति ने प्रतिनिधियों से किया संवाद

अभिनंदन भोज के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पारंपरिक प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उनकी कुशलक्षेम जानने के साथ बस्तर की संस्कृति, परंपराओं के संरक्षण और क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों पर संवाद हुआ। आयोजन में औपचारिकता के साथ आत्मीयता का वातावरण भी देखने को मिला।

बस्तर की पहचान हैं पारंपरिक सामाजिक व्यवस्थाएं

बस्तर की सामाजिक संरचना में मांझी-चालकी व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पारंपरिक नेतृत्व, सामुदायिक सहभागिता और स्थानीय रीति-रिवाजों के माध्यम से यह व्यवस्था समाज को जोड़ने में योगदान देती रही है। जनजातीय संस्कृति, जल-जंगल-जमीन से जुड़ी परंपराओं और सामाजिक समरसता के संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका विशेष मानी जाती है।

राष्ट्रपति की उपस्थिति में पारंपरिक प्रतिनिधियों के सम्मान को जनजातीय समाज के लिए गौरवपूर्ण अवसर के रूप में देखा गया। इससे स्थानीय परंपराओं और समुदाय आधारित नेतृत्व को व्यापक पहचान देने का संदेश भी सामने आया।

सुरक्षा के बीच गरिमापूर्ण आयोजन

लालबाग मैदान में कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे। राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री की मौजूदगी वाले इस आयोजन में बस्तर की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था प्रमुखता से उभरकर सामने आई। अभिनंदन भोज ने जनजातीय समाज के सम्मान, सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया।

संबंधित खबरें (Related Stories)